
नन्हे-नन्हे बच्चे और भारी-भारी बस्ते। सुबह और दोपहर के समय यह नजारा बेहद आम होता है। पीठ पर कापी-किताबों से लदे बैग से दबे इन बच्चे को देखकर अक्सर बोझा ढोने वाले मजदूरों की याद आ जाती है।
क्या आप जानते हैं कि यही बस्ते आपके बच्चे को जिंदगी भर के लिए बीमार बना सकते हैं। अमेरिकन फिजिकल थेरेपी एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि पीठ पर लदे इन बस्तों से बच्चों में पीठ का दर्द और मांसपेशियां खिंचने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
अध्ययन में पाया गया कि यदि बस्ते का वजन बच्चे के वजन से 10-15 फीसदी से ज्यादा है तो पीठ के दर्द होने का अंदेशा बढ़ जाता है। इतना ही नहीं आगे चलकर यह दर्द गंभीर रूप भी ले सकता है।
लेकिन यहाँ हर तरेह से बच्चों की सेहत का ख्याल रखा जाता है
मेरा तो मानना है की प्राथमिक शिक्षा हर बच्चे की जापान जैसी हो
क्योकि नींव मजबूत होगी तो इमारत भी बुलंद होगी ...